बुधवार, 4 मई 2022

3 लॉबियों की ग्रिफ्त में दुनिया 1 फार्मा लाबी

 1) फार्मा लॉबी :--फरवरी2020 में विश्व मे फार्मा लॉबी ने कोरोना वायरस फैला कर एक नई महामारी को ईजाद करके विश्व मे हड़कम्प मचा दिया । करोड़ों लोग इस बीमारी की ग्रिफ्त में आये, करोड़ो लोग मर भी गए ।लेकिन इस कि दवाई आज तक ईजाद नही हो पाई।इस बीमारी की दहशत ने लोगों को घरों में कैद कर दिया ।शहरों में लोकडाउन कर दिया गया ।जिनके पास जो भी जमा पूंजी थी उन्होंने इस बीमारी से बचने के लिए खर्च कर दी न पूंजी बची न मरीज ।इस वायरस ने पहले बूढ़ों को और बाद में  जवानों को और अब बच्चों को ग्रिफ्त में लेने की who द्वारा सूचित किया गया । इसके बचाव के लिए मास्क  ,पीपी किट,सैनिटाइजर का उपयोग जरूरी करके इस उधोग को  जो मरणासन्न पड़ा था उसको अम्रत पिला दिया ।इस बीमारी ने वो अस्पताल जो बन्द होने की कगार पर थे उन्हें हाई टेक बना दिया ।एक साल क़े  बाद इस वायरस की वेक्सीन ईजाद की गई उसे जरूरी बता कर करोड़ो का धन कमाया गया ।अर्थात फार्मा लॉबी ने वायरस का डर फैला कर पूरी दुनिया के अर्थ तन्त्र को बर्बाद कर दिया और खुद दशाब्दियों के लिए आबाद हो गया ।फार्मा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी उद्योग दिवालियापन की हद तक पहुंच गए ।इस बीमारी से मरने वालों का तो आंकड़ा सरकारों के पास है ।लेकिन भुख और दिवालिया होने के डर से आत्महत्या करनेवालों का आंकड़ा इनके पास नही है।जिसका असर दो साल बाद अब दिखने लगा है ।इससे साबित होता है कि इन आंकड़ों की बाजीगिरी से जनता में भय का वातावरण निर्मित होगा जिससे लोग डॉक्टरों और अस्पतालो में जाएंगे और इनका व्यापार और बढ़ेगा।जिस तरह डर का दूसरा नाम भगवान है उसी तरह डॉक्टर का दूसरा नाम भगवान (डर) बन गया ।इन तमाम अंतरराष्ट्रीय फार्मा कंपनियों के मालिक बहुतायत में अमेरिकन (यहूदी व्यापारी)हैं और चीन में इनका उत्पादन होता है ।इन दोनों ने मिलकर इस वायरस को विश्व मे फैलाया और विश्व पर शासन करने का प्रयास किया ।वो तो अच्छा हुवा भारत के लोगों का भौगोलिक स्थिति प्राकृतिक मौसम और भारतीय खान पान की वजह से यहां के लोगों का इम्यून सिस्टम मजबूत था नही तो इस वायरस से करोड़ो जाने जाती ।सरकारों को चाहिए इस प्रकार की लाबी का भंडाफोड़ किया जाए ओर जन हित मे कार्य करने के लिए इन पर दबाव बनाया जाए ।ताकि भविष्य में कोई संस्था इस प्रकार का कुकृत्य करने के पहले सोचने को मजबूर किया जाए ।इसमे UNO को हस्तक्षेप करके WHO का पुनर्गठन किया जाए  का प्रस्ताव सभी सदस्य को देना चाहिए ।----अगली कड़ी --हथियार लाबी --

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