मोमबत्ती जला कर विरोध जाताना ये कोई so called high class sociaty का दिखावा नहीं है .बल्कि व्यवस्था और अन्याय के प्रति अंतर आत्मा में भभक रहे ज्वालामुखी की छोटी सी लो है .जिसे समाज और प्रशासन को समझना चाहिए कि सभ्य समाज आपको ज्वालामुखी फूटने की चेतावनी दे रहा है ,जो इसकी अनदेखी या गंभीरता से नहीं लेता वह इसी आग में जल जायेगा .
बुधवार, 13 मार्च 2013
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