सत्ता की चाबी कभी सत्ता लोलुपों के पास नहीं होती .उसकी चाबी तो वैरागी ,निर्लिप्त व्यक्ति के पास होती है।वह कभी सत्ता का लोभी नहीं होता ,उसका धयेय समाज में समभाव ,शांति स्थापना जैसे होती है .जैसे गाँधी ,लोहिया, जयप्रकाश आज इनकी फिर जरुरत है .
सोमवार, 1 अप्रैल 2013
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