जीडीपी------ . भारतीय जीडीपी और पश्चिमी जीडीपी की परिभाषा को कोई तालमेल नही है। पश्चिम के लोगों का सामाजिक द्रष्टिकोण और भारतीयों के सामाजिक द्रष्टिकोण में बहुत अंतर है। वहां का समाज एक दुसरे के सीमित सम्बन्धों वाला होने के कारण प्रत्येक कार्य का आर्थिक लाभ ढूंढता है,जबकी भारतीय समाज एक दूसरे के संबंधों के कारण प्रत्येक कार्य को धर्म समझता है।एक दूसरे के काम आना यह स्वभाव होता है हर भारतीय का ।जबकि पश्चिम में कार्यों का मूल्यांकन के आधार पर क्रियान्वयन होता है।अर्थात सेवा क्षेत्र को आर्थिक गतिविधि न मानकर सामाजिक गतिविधि माना जाना चाहिए । इसलिए सेवा क्षेत्र को जीडीपी से जोड़ना अनुचित है। पश्चिमी देशों द्वारा सामाजिक दायित्वों के आर्थिक मूल्यांकन ने समाज मे दूरियां बढ़ाई तथा सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं का समाज के प्रति दायित्व निभाने की प्रवर्ति में बदलाव आने लगा ।जिससे गरीब व्यक्ति की जरूरतों की पूर्ति पर प्रभाव पड़ने लगा ।
मंगलवार, 24 दिसंबर 2019
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