शनिवार, 26 जनवरी 2013

लोकतंत्र एक धोखा

भारत में 70 करोड़ मतदाता हैं उनमे से 27 करोड़ मत पड़ते है ,जिसमे से 40% मत जिसको मिल गए वो चुन लिया जाता है ,याने 11 करोड़ मतदातावोँ  के द्वारा चुने गए  प्रतिनिधि  120 करोड़ की जनता पर राज कर रहे है , ये कैसा लोकतंत्र है ,

मंगलवार, 3 जुलाई 2012

भारत की राजनीती में पिछडो का आंतक

पिछले २० साल से भारत की राजनीति में पिछड़ों का आंतक छाया है। ऐसा लगता है लोहिया के नाम पर शतको पुरानी अगड़ों की निरकुश शासन प्रणाली से आक्रोशित इस वर्ग ने बदला लेने की भावना से अपनेआप को राजनीति के माध्यम से राज पाकर वो सब सुख आज ही पा लेना चाहते हैं. वर्तमान का राजा बनने की चाह जो दबी हुई थी वो उजागर हो गई.