सोमवार, 1 अप्रैल 2013

सत्ता

सत्ता की चाबी कभी सत्ता लोलुपों के पास नहीं होती .उसकी चाबी तो वैरागी ,निर्लिप्त व्यक्ति के पास होती है।वह कभी सत्ता का लोभी नहीं होता ,उसका धयेय समाज में समभाव ,शांति स्थापना जैसे होती है .जैसे गाँधी ,लोहिया, जयप्रकाश आज इनकी फिर जरुरत है .