तालिबान का अफगानिस्तान की चुनी हुई सरकार पर बंदूक की नोक पर कब्जा कर लिया मजबूरन राष्ट्रपति को देश छोड़ कर भागना पड़ा ।विश्व की एक मात्र शक्ति का 20 साल की लड़ाई के बाद उसके आधुनिक हथियारों को छोड़ कर पलायन ,औरतों पर कातिलाना हमला इस्लाम के नाम पर शरिया कानून का अपनी सुविधानुसार थोपने का प्रयास कुरान की आयतों का अपनी सुविधानुसार अनुपालन करवाने की जबर्दस्ती ,इस वैज्ञानिक युग मे आदिम युग का आगाह प्रदर्शित करती है ।। अफगानिस्तान के इतिहास की तरफ यदि गौर किया जाए तो ऐसा लगता है कि ये अशिक्षित लोगो के कबीलों का देश है ,जिन कबीलों में प्रकृति ने असीम प्राकृतिक संपदा खनिज के रूप में भंडारित है लेकिन यहां के वाशिंदे इसका दोहन कर के सम्पन्नता प्राप्त करने के बजाय ताकत के दम पर इस्लाम के नाम पर इस्लामिक राज्य स्थापित करना चाहते हैं। जो आधुनिक युग की जीवन प्रणाली से मेल नहीं कहता ,इनके जुझारूपन,निडरता,ने विश्व की 3 महाशक्तियों को अपने ऊपर राज करने से रोका ।वो चाहे ब्रिटेन हो ,रुस हो या अमेरिका हो ।कोई भी महाशक्ति इन पर शासन नही कर सकी।गजनी जैसे छोटे से गांव से निकला वहां का खानाबदोश ,गुंडा भारत के सोमनाथ मंदिर को लूट लेता है ,खिलजी,दुर्रानी जैसे लूटेरे भारत पर हमला कर के इसकी संपत्ति लूट कर अफगानिस्तान ले जाते हैं ,उसके बाद भी वहां की जनता को शिक्षित करने का प्रयास नहीं करते । इस तालिबानी कब्जे की घटना को देख कर नेस्तरोडेम की भविष्यवाणी जो तीसरे विश्वयुद्ध के विषय मे आज से 500 साल पहले की थी ,सच साबित होती दिख रही है ।ऐसा लगता है कि ये भविष्वाणी अफगानिस्तान की भूमि पर फ़लीभूत होगी।क्योंकि चीन ,रसिया ,ईरान ने तालिबान को आंशिक मान्यता दे दी है ।दूसरी तरफ अमेरिका ,यूरोपियन देश इसका विरोध कर रहे हैं ।यदि युद्ध हुवा तो एक तरफ अफगानिस्तान के लड़ाके इसी देश की जमीन ,चीन की सेना रसिया के हथियार और ईरान का धन बाकी देशों की सेना से मुकाबला करेगी ।नेस्तरोडेम ने लिखा है कि हरे झंडे के नीचे लाल सेना उस देश की सेना पर हमला करेगी जिनका शुभ दिन रविवार है यानी ईसाई देशों पर इस्लाम के झंडे के नीचे चीन की सेना हमला करेगी ।और इस युद्ध मे भारी जन धन की हानि होगी और लंबे समय तक चलेगा ।और इस युद्ध की तबाही को रोकने के लिए वह देश जो दो महासागर और एक सागर के निकट बसा हुवा है जिसका शुभ दिन गुरुवार है ,बीच बचाव करके युद्ध समाप्त कराएगा ।और विश्व गुरु बन कर दुनिया मे अपनी अलग छवि बनायेगा। इस भविष्यवाणी को देखते हुए मुझे भारत ही वह देश समझ मे आता है जो दुनिया को नेतृत्व प्रदान करेगा
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021
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