शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

देश को सुदृट एवं सम्पन्न बनाने के ५ आधार

 (१) सुरक्षा (२ ) शिक्षा (३) कृषि (४) इंफ्रास्ट्रक्चर (५)स्वास्थ                                                                                           आजकल नई सरकार  FDI  IN RETAIL  Defence  &Infrastructure  में लाने  का बहुत प्रयास कर रही है | अभी तक सरकार  के सभी प्रयास सफल नहीं हुए  | इस की मूल जड़ में देश का सिस्टम बहुत बड़ा अवरोधक बना हुवा है | आज देश  को  IAS  ऑफिसर्स  और बाबूतंत्र  से निजात पाने की जरूरत है | इसकी जगह आधुनिक शिक्षा प्राप्त हुए मैनेजर्स ,SOFTWARA  ENGINEARES ,की जरूरत है जिनका उत्पादन देश में बहुतायत में हो रहा है | उन सभी बाबुवों  को IAS  OFFICERS को जिनकी सेवाएं २०  साल हो गई हैं उन्हें VRS  दे क्र रिटायर क्र देना चाहिए | तथा उनकी जगह  नए टैलेंटेड IITEANS  ,MBA  या पोस्ट ग्रेजुएटस  की सेवाएं लेनी चाहिए | आज देश को मैनेजर्स की जरूरत है न की प्रशासक की देश को  आजाद हुए  ७० साल बीत  गये | ये नया टैलेंट ही देश को आगे ले जा सकता है और ऊपर दिए आधार को  मजबूत  क्र सकता है | किसी भी निवेशक को को उसे अपने निवेश का तुरंत return की अपेक्षा रहती है ,यदि सिस्टम में निर्णय लेने की प्रवृति  धीमी होगी तो निवेशक हतोत्साहित होगा ,और अपेक्षित सिमा में निवेश से दूर भागेगा | यही कारण है की देश में अपेक्षित निवेश नहीं हो पाया | हम से बाद में आजाद हुए देश आज विदेशी निवेश में हम से  कहीं आगे है उसका कारण निर्णय लेने की तीव्रता |                                                               दूसरा रास्ता है सर्कार की जनभागीदारी या देश के  CORPORATE  HOUSE  के साथ PP मॉडल में स्वयं भागीदार बन कर इस काम को अपने हाथ में लेना चाहिए | DRDO  या दूसरी इनोवेटिव एजेंसीज को आर्थिक सहयोग दे क्र नए नए तरीके ढूढें जाये ताकि देश आत्मनिर्भर हो सके |                                                                             तीसरा भ्र्ष्टाचार इस देश की रगों में बहने वाले खून में बीएस गया है ,इसलिए इस खून को बदल क्र नए खून को रगों में भरना पड़ेगा |DEKHA गया है की किसी भी निर्माण कार्य में ३०% राशि ही धरातल पर नजर आती है शेष ७०%राशि ये पुराण सिस्टम खा जाता है | जिससे विकास को अपेक्षित गति नहीं मिल पाती |JAB तक इस पुराने खून को नहीं बदला जायेगा ये सुधर संभव नहीं है | देश की        ७० %जनता कृषि पर आश्रित है जो छोटे छोटे खेती पर अपनी गुजर बसर करती है |इण  से ५ एकड़ के किसानो को कोऑपरेटिव सेक्टर में लेकर कोऑपरेटिव फॉर्मिंग की और परिवर्तित करने का प्रयास करना चाहिए |