गुरुवार, 6 नवंबर 2014

सुझाव

भारत में ६३८५९६ गावं हैं इनमे से अति पिछड़े गावों को चिन्हित करके उनके उत्थान के लिए यदि मोदी जी की तरह सभी साँसद , जो कि ८१५ और विधायक जो कि ४२१५ हैं दो, दो गावं गोद ले लेते हैं और बड़े ,व्यापारी घराने तथा सामाजिक संगठन मिल कर दो ,दो गावों को गोद लेते हैं तो भारत में हर साल ५०००० गावों का उत्थान हो सकता है। गावों के विकास के लिए मनरेगा के बजट का उपयोग करके अलग से धन की भी वयवस्था नहीं करनी पड़ेगी ,हर गावं को मुख्य सड़क से जोड़ना ,पीने  के पानी का इंतजाम ,१० गावों के बीच हॉस्पिटल ,solar energy से बिजली तथा हर घर में शौचालय और मिडिल स्कूल तक शिक्षा का इंतजाम  सकता है। जहां  तक गावों को स्वाबलम्बी बनाने का सवाल है तो हर क्षेत्र में पैदा होने वाले उत्पाद की अपनी एक विशेषता है उसकी यदि मार्केटिंग की जाये और उचित मूल्य दिलाया जाये तो हर गावं स्वाबलंबी हो सकता है। 

गुरुवार, 21 अगस्त 2014

आर्यों  के द्वारा दिया गया आर्याव्रत नाम ,यमन और मुगलों द्वारा दिया गया हिंदुस्तान ,द्रविड़ और श्रमण द्वारा दिया गया भारत नाम , और वर्तमान में बोले जानेवाला भारत कौन सा सही है क्या आरएसएस के प्रमुख के से पूछना पड़ेगा ?