आजादी के ६५ साल बाद देश के सुदूर इलाकों में विकास के नाम पर राजनेतावों और ऑफिसर्स के द्वारा जो जनता के धन की लूट की गई है ,उसी की प्रणीति है ये नरसंहार .यात्रा के नाम पर धनबल और बाहुबल का प्रदर्शन की खीज है ये नरसंहार , अभी भी मौका है सुदूर इलाकों का विकास ईमानदारी से करने का अन्यथा इसकी पुनरावर्ती होती रहेगी .
सोमवार, 27 मई 2013
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