सोमवार, 27 मई 2013

नक्सलवादियों द्वारा नरसंहार

आजादी के ६५ साल बाद देश के सुदूर इलाकों में विकास के नाम पर राजनेतावों और ऑफिसर्स के द्वारा जो जनता के धन की लूट की गई है ,उसी की प्रणीति है ये नरसंहार .यात्रा के नाम पर धनबल और बाहुबल का प्रदर्शन की खीज है ये नरसंहार , अभी भी मौका है सुदूर इलाकों का विकास ईमानदारी से करने का अन्यथा इसकी पुनरावर्ती होती रहेगी .